गुरुदेव नींव करौली बाबाजी का विनय चालीसा ************************************ हूँ बुद्धि मलीन अति, श्रद्धा भक्ति विहीन I करूं विनय कछु आपकी, हौं सब ही विधि दीन II जै जै नीब करौरी बाबा | कृपा करहु आवै सदभावा II कैसे मैं तव स्तुति बखानूँ | नाम ग्राम कछु मैं नहिं जानूँ II जापै कृपा दृष्टि तुम करहु | रोग शोक दुःख दारिद हरहु II तुम्हरौ रूप लोग नहिं जानै I जापै कृपा करहु सोई भानैं II करि दै अरपन सब तन मन धनIपावै सुक्ख अलौकिक सोई जनII दरस परस प्रभु जो तव करई I सुख सम्पति तिनके घर भरई II जै जै संत भक्त सुखदायक I रिद्द्धि सिद्धि सब सम्पति दायक || तुम ही विष्णु राम श्री कृष्णाI विचरत पूर्ण कारन हित तृष्णा II जै जै जै जै श्री भगवंता I तुम हो साक्षात भगवंता II कही विभीषण ने जो बानी I परम सत्य करि अब मैं मानी II बिनु हरि कृपा मिलहिं नहिं संता Iसो करि कृपा करहिं दुःख अंत II सोई भरोस मेरे उर आयो I जा दिन प्रभु दर्शन मैं पायो II जो सुमिरै तुमको उर माहीं I ताकी विपति नष्ट हवे जाहीं II जै जै जै गुरुदेव हमारे I सबहि भाँति हम भये तिहारे II हम पर कृपा शीघ्र अब...